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  • 117: आपका रेस्टोरेंट बिल  और टैक्स

    117: आपका रेस्टोरेंट बिल और टैक्स

      आप सप्ताहांत में परिवार और दोस्तों के साथ या किन्हीं विशेष अवसरों पर रेस्टोरेंट में खाने-पीने जाते हैं. लेकिन जब बिल सामने आता है तो पेमेंट करने से पहले उसे ध्यान से देखा है? बिल में सिर्फ़ खाने के पैसे नहीं, बल्कि सर्विस चार्ज, सर्विस टैक्स और VAT जुड़ कर आता है. तो आइये […]

  • 116: मास्टरजी

    116: मास्टरजी

    गुड्डू:  पापा, मैं कल से स्कूल नहीं जाँऊगा. पापा:  क्यों  बेटा, पढाई में मन नहीं लगता क्या? गुड्डू: लगता है. लेकिन मास्टरजी ……. पापा:  मास्टरजी को क्या हुआ ? पप्पू : उनको तो कुछ आता ही नहीं, सारे सवालों के जवाब मुझसे ही पूछते हैं. “हँसते रहिये, खुश रहिये”

  • 115: फ्रेक्चर

    115: फ्रेक्चर

    मरीज: डॉक्टर साब शरीर में कहीं भी ऊँगली लगाओ तो बहुत दर्द होता है! डॉक्टर ने पूरे शरीर का एक्सरे किया और चेक किया तो फ्रेक्चर पाया गया….. “ऊँगली में” “हँसते रहिये, खुश रहिये”

  • 114: बंदर और चुहिया

    114: बंदर और चुहिया

    एक चुहिया पेड़ पर चढ़ी, तो बंदर ने पूछा-“ऊपर क्यों आयी हो?” चुहिया बोली-“सेब खाने.” बंदर : “लेकिन यह तो आम का पेड़ है!” चुहिया: “तू  ज्यादा चौधरी मत बन, सेब साथ में लायी हूँ!!” “हँसिये, हंसाइये, खुश रहिये, खुशियाँ बाँटिये”

  • 113: बाँटने की ख़ुशी

    113: बाँटने की ख़ुशी

     स्वामी विवेकानन्द की जयन्ती को  राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है . उनके सामयिक विचार युवाओं के साथ सभी के लिये प्रेरणा स्त्रोत हैं. उनके जीवन का एक प्रसंग है. अमेरिका-प्रवास के दौरान स्वामी विवेकानन्द एक परिवार के यहाँ ठहरे थे. अपना भोजन वे स्वयं ही बनाते थे. एक बार वे कुछ कार्यक्रमों […]

  • 112: लंगर-सेवा

    112: लंगर-सेवा

    सिक्खों के दसवें गुरु श्री गुरुगोविंदसिंहजी  एक महान योद्धा और आध्यात्मिक व्यक्ति थे. उन्होंने देश, धर्म और स्वतन्त्रता की रक्षा के लिये सिखों को संगठित किया. वीरता की प्रेरणा दी. एक बार आनंदपुर में सिक्ख संगत में विभिन्न  डेरों में लंगर चल रहे थे. उन्होंने सुना कि गुरु की नगरी में आने वाला कोई भी […]

  • 111: भारत की प्रथम महिला शिक्षिका-श्रीमती सावित्रीबाई फुले

    111: भारत की प्रथम महिला शिक्षिका-श्रीमती सावित्रीबाई फुले

     3 जनवरी को श्रीमती सावित्रीबाई फुले की जयंती होती  है. हम उन्हें देश की प्रथम महिला शिक्षिका, कवियित्री और समाज-सुधारक के रूप में जानते हैं.आज  देश में बालिका शिक्षा के लिये सरकार की तरफ से भी अनेक प्रयास किये जा रहे हैं. जबकि उन दिनों बालिकाओं की शिक्षा पर सामाजिक पाबंदी थी. सावित्रीबाई फुले ने […]

  • 110: रसाहार

    110: रसाहार

    कब्ज–. गाजर, पालक, टमाटर, आंवला, लौकी, ककड़ी,  भीगा हुआ किशमिश, मुनक्का,अंजीर, करेला, पपीता, संतरा,  नाशपाती, सेव तथा बिल्व का रस लें. अजीर्ण अपचन–   भोजन के आधे घंटे पहले आधी चम्मच अदरक व चौथाई चम्मच  नींबू के रस में सेंधा नमक मिलाकर लें. अनानास, ककड़ी, संतरा, गाजर, चुकन्दर का रस. उल्टी व मिचली– नींबू, अनार, अनानास, टमाटर, संतरे का रस. एसीडिटी– पत्ता गोभी वगाजर का रस, ककड़ी, लौकी, सेव, मौसम्मी, तरबूज, पेठे का रस, चित्तीदार केला, […]

  • 109: Team Work

    109: Team Work

    एक बार कहीं जाते समय एक आदमी की कार के टायर कीचड़ में बुरी तरह धँस गये. सडक सुनसान थी,वह सहायता के लिये इधर-उधर नजर दौड़ाने लगा. तभी उसकी नजर एक किसान पर पड़ी. वह उसके पास गया और उसे बताया कि उसकी कार के टायर कीचड़ में फंस गये हैं. क्या वह कार को […]

  • 108: कागज की कतरन

    108: कागज की कतरन

    महात्मा गाँधी दैनिक डाक देखते समय प्रत्येक पत्र को ध्यान से पढ़ने के बाद पत्र के कोरे भाग को कैंची से काट कर अलग रख रहे थे. एक सज्जन बहुत देर से गाँधीजी की यह क्रिया ध्यान से देख रहे थे. उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए गांधीजी से पूछा “आप पत्रों की इन कतरनों को […]

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